बुलंदी समिति
बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति (पंजीकृत)
स्थापना: 05 अगस्त 2020
संस्था परिचय
बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति (पंजीकृत) की स्थापना 05 अगस्त 2020 को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि विवेक बादल बाज़पुरी द्वारा की गई। अल्प समय में ही बादल बाज़पुरी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, साहित्य के प्रति समर्पण और अथक परिश्रम से यह संस्था निरंतर बुलंदी से बुलंदी की ओर अग्रसर है।
यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मात्र पाँच वर्षों में विवेक बादल बाज़पुरी ने साहित्यिक क्षेत्र में एक चमत्कार कर दिखाया है, जो सामान्यतः दशकों में संभव हो पाता है।
मूल उद्देश्य
बुलंदी संस्था का मूल उद्देश्य साहित्य, भाषा और संस्कृति की सेवा, नवोदित कवियों का उत्थान, वरिष्ठ साहित्यकारों का सम्मान, देवनागरी लिपि का संरक्षण तथा लोक भाषा और लोक संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार को सशक्त मंच प्रदान करना है। इस दिशा में संस्था द्वारा किए गए कार्य आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बन चुके हैं।
नवोदित कवियों ने प्रथम काव्य पाठ किया
रचनाकारों को सम्मानित किया गया
देशों के साहित्यकारों को सम्मानित
विश्व कीर्तिमान
वर्ष 2021 - प्रथम विश्व कीर्तिमान
भारत सहित 22 देशों के हिंदी भाषी रचनाकारों की सहभागिता से 207 घंटे का अनवरत वर्चुअल कवि सम्मेलन आयोजित कर पहला विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया, जो इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड (IWR) में दर्ज है।
वर्ष 2022 - द्वितीय विश्व कीर्तिमान
भारत सहित 35 देशों की सहभागिता के साथ 270 घंटे का अनवरत आयोजन कर दूसरा विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया, जो इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड (IWR) में दर्ज है।
वर्ष 2024 - तृतीय विश्व कीर्तिमान
भारत सहित 55 देशों के रचनाकारों की सहभागिता से 400 घंटे का ऐतिहासिक अनवरत आयोजन कर तीसरा विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया, जिसे हावर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड, लंदन द्वारा दर्ज किया गया।
पुस्तक प्रकाशन में सहयोग
बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति साहित्यकारों को पुस्तक प्रकाशन में भी सक्रिय सहयोग प्रदान करती है। संस्था द्वारा चार वर्ष पूर्व 'विधा प्रकाशन' की स्थापना की गई, जिसके माध्यम से सबसे कम धनराशि में साहित्यकारों की पुस्तकें प्रकाशित की जाती हैं।
विशेष: प्रत्येक वर्ष दो साहित्यकारों की पुस्तकें संस्था द्वारा निःशुल्क प्रकाशित की जाती हैं, जिससे नवोदित एवं संघर्षरत रचनाकारों को सशक्त मंच और पहचान मिल सके।
वैश्विक विस्तार
बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति ने भारत के साथ-साथ मॉरीशस, नेपाल, श्रीलंका सहित अनेक देशों में सफल धरातलीय साहित्यिक आयोजन कर वैश्विक पहचान स्थापित की है।
आज बुलंदी संस्था राष्ट्रीय कार्यकारिणी के साथ-साथ मॉरीशस, नेपाल, श्रीलंका, ओमान, कनाडा, क़तर, कैलिफ़ोर्निया, थाईलैंड, अरब, सिंगापुर, मेलबर्न, जर्मनी सहित विश्व के 55 देशों में अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में निरंतर सक्रिय है।
संरक्षक: पंकज प्रकाश
संस्थापक: विवेक बादल बाज़पुरी
आह्वान
आइए! भाषा, साहित्य और संस्कृति की सेवा के इस महायज्ञ में सहभागी बनें।
बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति से जुड़कर तन-मन-धन से सहयोग प्रदान करें।
संस्था की वार्षिक सदस्यता वर्ष भर उपलब्ध है, जिसके माध्यम से आप संस्था की गतिविधियों से निरंतर जुड़े रह सकते हैं।